आओ कर दे हम आजादी भगत सिंह के नाम |

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अंग्रेज रूपी कंश हेतु वह तो कृष्ण कलेवर था ,
करतूश को भोजन माना फंशी को जेवर था ,
वतन के लिये डर न पाया जेल की काली रातो से,
उसका वर्णन करू मैं कैसे कलम की अपनी बातो से ,
दे दी हमें आजादी लेकर खुद पर वो अंजाम ,
आओ कर दे हम आजादी भगत सिंह के नाम |

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8 Comments

  1. राही अंजाना - March 18, 2017, 12:46 pm

    Waah

  2. JYOTI BHARTI - March 18, 2017, 12:52 pm

    Nice

  3. Abhishek - March 23, 2017, 11:13 am

    BEHATAR

  4. महेश गुप्ता जौनपुरी - September 30, 2019, 11:29 pm

    वाह बहुत सुंदर

  5. Abhishek kumar - November 26, 2019, 2:44 am

    सुन्दर रचना

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