‘इक दिल के टूट जाने से…….

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‘इक दिल के टूट जाने से क्या—क्या नहीं टूटा,
पायल तो रही पांवों में, घुंघरु नहीं रहे………..’
………………………………………………….सतीश कसेरा

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4 Comments

  1. Anirudh sethi - September 30, 2016, 9:57 pm

    bahut khoob

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