इस पल में

आज इस पल में सदियों का दर्द ठहर आया था जैसे
उस पल में दो जुदा जिंदगियों की मौत हुई थी

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I love Poetry !!

7 Comments

  1. Gaurav Singh Poet - May 27, 2016, 2:11 am

    Nice

  2. Panna - May 27, 2016, 10:07 am

    nice one

  3. सुरेश - January 19, 2017, 6:05 pm

    वाह

  4. महेश गुप्ता जौनपुरी - September 11, 2019, 10:57 pm

    वाह बहुत सुंदर रचना

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