काँटों से घिरे चमन में

काँटों से घिरे चमन में
खुश्बू की तमन्ना न कर

रात के घने अंधेरों में
रौशनी की तमन्ना ना कर

– कमलेश कौशिक


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1 Comment

  1. Chandra Prakash - August 22, 2016, 4:25 pm

    nice one

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