जिन्दगी का फलसफा

जिन्दगी का फलसफा

जिन्दगी का फलसफा कौन समझ पाता है
हालात बदलते है नहीं वक्त गुजर जाता है
कल ये हुआ,कल क्या होगा इस कशमकश में, पल पल पिस जाता है
कल बदलता है नहीं आज बिगड़ जाता हैा
** ” पारुल शर्मा ” **


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4 Comments

  1. Sridhar - August 6, 2016, 2:47 am

    Behtreen

  2. Puneet Mittal - August 6, 2016, 2:58 am

    kya khoob kah apane…

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