बचपन

बारिश के मौसम में कागज़ की कश्ती
डूबने का इंतज़ार ही करती रह गयी।
और ये बच्चे उड़ने के सपने लिए
उस कागज़ को पढ़ते ही रह गए।

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क्यो कुछते हो परतीभा के परतीभाओ को ।

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अगर मै कुड़ा कागज होता,

अगर मै कुड़ा कागज होता,

5 Comments

  1. राही अंजाना - June 30, 2018, 3:53 pm

    Waah

  2. Neha - July 1, 2018, 10:48 am

    Kya baat

  3. bhoomipatelvineeta - July 1, 2018, 10:57 am

    Dhanyawad aapka

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