माँ

हर दर्द मां सहती रही,
पूरी मेरी हर बात की.,
हर जिद को मेरी मान के
हर वक्त मेरे साथ थी,
अब मै बडा़ जबहो गया
कैसे भुलादूं मां को मै ,
दुनियाँ ही मेरी माँ से है
मां खुशियों की सौगात थी

बागी के दिल कि आह,.

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7 Comments

  1. दीपक पनेरू - May 3, 2016, 11:42 am

    bemisaal likhte ho janaab

  2. Anirudh sethi - May 3, 2016, 11:51 am

    nice dost

  3. Rohan Sharma - May 3, 2016, 12:00 pm

    Nice

  4. baagi - May 3, 2016, 12:40 pm

    thnx bhai log sb aplogo ki dua hai

  5. Joney Singhal - May 3, 2016, 11:13 pm

    Bahut khoob dost

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