मुक्तक

तुझे सोचना ही मुझे जूनून देता है!
तेरे सिवा कुछ भी नहीं सकून देता है!
रूकी हुयी है तेरे लिए तकदीर मेरी,
तेरा ख्वाब लफ्जों को मजमून देता है!

Composed By #महादेव

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1 Comment

  1. Ritika bansal - August 6, 2016, 11:06 pm

    kya khoob kha sir ji

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