रब  तो  वाकई  सबके  दिलों  में……..

रब  तो  वाकई   सबके  दिलों   में  बसता  सम  है।

लेकिन  उसे  पहचानने  वाला  इंसान  बड़ा कम है।

 

तुम  मेरे  चेहरे  की   इस  मुस्कान  पे   मत  जाओ

इसके  पीछे  छिपा   जाने  कितना  बड़ा  गम  है।

 

चाहे  अपना   चाहे   पराया   मतलब  अगर     हो

तो   किसीके   मरने  का  भी   किसे   यहां  गम  है।

 

आधुनिक तरक्की को तरक्की कहना मुनासिफ नहीं

अरे इस रोशनी की आड़ में छिपा बड़ा गहरा तम है।

 

ये  तलब  तब  बन  जाती  है   परेशानी  का  सबब

जब  जितना भी  लिख दूँ  लेकिन  लगे  ज़रा कम है।

 

समझने  की   बात  अगर  तुम   सच  में  समझ  गए

तो   फिर  कहोगे  कि  बंदे में  वाकई  बड़ा  दम है।

                                                                        कुमार बन्टी


लगातार अपडेट रहने के लिए सावन से फ़ेसबुक, ट्विटर, इन्स्टाग्राम, पिन्टरेस्ट पर जुड़े| 

यदि आपको सावन पर किसी भी प्रकार की समस्या आती है तो हमें हमारे फ़ेसबुक पेज पर सूचित करें|

Related Posts

Talking to a friend

From Death 2 Life

From Death 2 Life

From Death 2 Life

अपने ही सूरज की रोशनी में

4 Comments

  1. Ajay Nawal - March 1, 2017, 3:38 pm

    nice

  2. महेश गुप्ता जौनपुरी - September 12, 2019, 11:19 am

    वाह बहुत सुंदर

  3. Abhishek kumar - November 25, 2019, 9:39 pm

    Wow

Leave a Reply