Apne…….

Esliye Bhi Kabhi Kami Na Padi,
Hame Hamare Apno Ki…….!!

Ke Pehle Kuch Log Apne The,
Ab Kuch Gam Aur Tanhaai Apni Hai….!!

D K

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1 Comment

  1. Praveen Nigam - June 26, 2016, 4:38 pm

    are wah dev ji

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