Poems

मैं जीत कर हार गया

मैं जीत कर भी हार गया
तेरा लाल दुनियाँ से दूर गया

Kanha tu hi ho hamare palanhare

कान्हा तू ही हो हमारे पालनहारे….
तू ही तो हमारे सहारे,
तुम आ जाओ फिर एक बार ओ मुरली वाले,
तेरी मुरली की धुन सुने हम भी ओ बंसी वाले ,

कान्हा तू ही हो हमारे पालनहारे……
मोर मुकुट बड़ा प्यारा लागे ओ यशोदा के दुलारे,
हम भी तो देखें ये नजारे,

कान्हा तू ही हो हमारे पालनहारे…….
माखन चोर तुझे नाम मिला ओ मुरली वाले,
फिर एक बार तू माखन चुराओ ओ बंसी वाले,

कान्हा तू ही हो हमारे पालनहारे……
गोवर्धन को एक उंगली पर उठाया ओ मुरली वाले,
तेरी लीला है न्यारी ओ बंसी वाले,

कान्हा तू ही हो हमारे पालनहारे…..
गायों को भी तूने चराया ओ मुरली वाले,
फिर आजा गोकुल में ओ यशोदा के दुलारे |

पाक़ दिल

लफ़्ज़ बिकते हैं इमान बिकते हैं जब बिकने पर आये तो क्या-क्या बिकते हैं ज़माने में__

एक पाक़ दिल पिन्हां सा हैं जो दुनिया की किसी दौलत से ना पिघलता हैं ना बिकता हैं गालिबन मैं मालामाल हूँ उस दौलत से__

-PRAGYA-

मजबूर दिल

उसकी बेवफ़ाई पर हंसी आती हैं तो तरस भी__

अभी अन्जान हैं वो मोहब्बत से..दिवाना कुछ इस कदर हैं समझ लेता हैं वो हर पत्थर को कोहिनूर भी__

कभी मुलाक़ात ज़रूर होगी इज़हार-ए-मोहब्बत करने वाले अपनी झूठी नज़रों से हम पर क़रम ज़रूर करना_

कहीं नज़रें झुक गई फिर दिल में हमारी तमन्ना भूल कर भी मत करना_

-PRAGYA

नाराज़गी

उसकी बेवफ़ाई पर हंसी आती हैं तो तरस भी__

अभी अन्जान हैं वो मोहब्बत से..दिवाना कुछ इस कदर हैं समझ लेता हैं वो हर पत्थर को कोहिनूर भी__

कभी मुलाक़ात ज़रूर होगी इज़हार-ए-मोहब्बत करने वाले अपनी झूठी नज़रों से हम पर क़रम ज़रूर करना_

कहीं नज़रें झुक गई फिर दिल में हमारी तमन्ना भूल कर भी मत करना_

-PRAGYA

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