अधीर बनो,अधीर बनो

अब क्यों धीर धरे हो
अधीर बनो, अधीर बनो
मां भारती के लाल
तुम हो सर्व शक्तिमान
विजय की पताका ले हाथ
दुश्मन की ग्रीवा का रक्त पीने वाली तुम
शमशीर बनो, शमशीर बनो
अब क्यों धीर धरे हो
अधीर बनो ,अधीर बनो
रक्त में है उबाल, मातृभूमि रही पुकार
गलतियों का करो अब हिसाब
पीओके के साथ सिंध पर भी धरो ध्यान
सुन कर अरिदल थर थर कांपे वो तुम
गीत बनो गीत बनो
अब क्यों धीर धरे हो
अधीर बनो अधीर बनो
शिवराज खटीक


लगातार अपडेट रहने के लिए सावन से फ़ेसबुक, ट्विटर, इन्स्टाग्राम, पिन्टरेस्ट पर जुड़े| 

यदि आपको सावन पर किसी भी प्रकार की समस्या आती है तो हमें हमारे फ़ेसबुक पेज पर सूचित करें|

7 Comments

  1. Pt, vinay shastri 'vinaychand' - January 16, 2020, 7:40 am

    Nice

  2. Priya Choudhary - January 16, 2020, 10:43 am

    Very nice

  3. NIMISHA SINGHAL - January 16, 2020, 1:54 pm

    Wah

  4. Kanchan Dwivedi - January 16, 2020, 3:17 pm

    Very nice

  5. Abhishek kumar - January 16, 2020, 10:23 pm

    Good

  6. NIMISHA SINGHAL - January 17, 2020, 5:40 pm

    क्या बात

  7. Pragya Shukla - January 17, 2020, 10:14 pm

    Nice

Leave a Reply