अपनापन

•••
किये जिस पे भी तुमने तंज़
वो सब तुम्हारे हैं।
रंज जिस से भी करोगे
वो सब तुम्हारे हैं।।
रूबरू लौट कर आयेंगे
वो जानिब को तेरी।
अज़ल से बहते हुए दरिया
के सभी धारे हैं।।
•••
@deovrat 30.09.2019

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By DV

7 Comments

  1. देवेश साखरे 'देव' - October 9, 2019, 3:34 pm

    बहुत खूब

    • DV - October 9, 2019, 3:37 pm

      बहुत बहुत धन्यवाद देवेश जी

  2. राही अंजाना - October 10, 2019, 9:42 am

    वाह

  3. Poonam singh - October 10, 2019, 7:22 pm

    Good

  4. NIMISHA SINGHAL - October 11, 2019, 7:58 am

    Wah kya khub

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