अपना बनाया क्यों

जब भूलना ही था तो अपना बनाया क्यों।
भटके को सही राह, तुमने दिखाया क्यों।

तन्हा हम कैसे भी हो, जी ही तो रहे थे,
उम्मीद का शम्मा जला, तुमने बुझाया क्यों।

भूलने की बात से, एक तूफान सा उठा है,
कश्ती को मझधार से, तुमने बचाया क्यों।

छोड़ दिया होता हमारे हाल पे उसी वक्त,
गमे-जुदाई दिल पर, तुमने लगाया क्यों।

आज हाल ये है, न ही जीते हैं, न मर सकते,
हाथ थाम कर मरने से, तुमने बचाया क्यों।

तुम्हें भूल पाना नामुमकिन सा लगता है,
इतना प्यार मुझ पर, तुमने लुटाया क्यों।

तेरे बगैर रह नहीं सकता, साथ न छोड़ना,
कुछ कर गुजरूं तो ना कहना, नहीं बताया क्यों।

देवेश साखरे ‘देव’

Previous Poem
Next Poem

लगातार अपडेट रहने के लिए सावन से फ़ेसबुक, ट्विटर, इन्स्टाग्राम, पिन्टरेस्ट पर जुड़े| 

यदि आपको सावन पर किसी भी प्रकार की समस्या आती है तो हमें हमारे फ़ेसबुक पेज पर सूचित करें|

8 Comments

  1. NIMISHA SINGHAL - October 18, 2019, 4:50 pm

    Nice

  2. nitu kandera - October 19, 2019, 7:25 am

    Wah

  3. महेश गुप्ता जौनपुरी - October 19, 2019, 8:24 pm

    वाह बहुत सुंदर

Leave a Reply