अपशब्द लिखता है

रोता रह गया वो
दूसरों से गलत कह कह कर
स्वयं पूरा गलत है
दूसरों को
अपशब्द लिखता है।
नहीं कुछ शब्द उसके पास
केवल गालियां ही हैं,
ईर्ष्या से भरा है,
जल के भुन के
बात लिखता है,
जमाने को गलत खुद को
वो पाक साफ कहता है।

Related Articles

दुर्योधन कब मिट पाया:भाग-34

जो तुम चिर प्रतीक्षित  सहचर  मैं ये ज्ञात कराता हूँ, हर्ष  तुम्हे  होगा  निश्चय  ही प्रियकर  बात बताता हूँ। तुमसे  पहले तेरे शत्रु का शीश विच्छेदन कर धड़ से, कटे मुंड अर्पित करता…

प्यार अंधा होता है (Love Is Blind) सत्य पर आधारित Full Story

वक्रतुण्ड महाकाय सूर्यकोटि समप्रभ। निर्विघ्नं कुरु मे देव सर्वकार्येषु सर्वदा॥ Anu Mehta’s Dairy About me परिचय (Introduction) नमस्‍कार दोस्‍तो, मेरा नाम अनु मेहता है। मैं…

Responses

  1. कवि रमेश जोशी जी अपनी कविता द्वारा यह समझना चाह रहे है कि कोई यदि आपको अपशब्द कहे तो वो उसकी समस्या है ।आपको कभी भी अपना स्तर नहीं गिराना है ।

  2. बिल्कुल सच लिखा है, दूसरों के लिए आक्षेप औरअपशब्द लिखने वाले लोग अपनी प्रवृति को जगाते हैं।

New Report

Close