अमन की आशा

क्यों राजनीति करते हो, हिन्दू मुसलमान की।
शायद भूल गए हो, दोस्ती रामप्रसाद बिस्मिल और अशफ़ाक़ुल्ला खान की।

दोनों समुदयों ने बना लिया है, एक दूसरे के प्रति पूर्वाग्रह।
ऐसा मत करो, ये देश कर रहा है आपसे आग्रह।

क्यों ना हम सब मिलकर बात करे, भाई चारा और विकास की।
और साकार करे सपना, भगत सिंह और नेताजी सुभाष की।

क्यों न हम सब मिलकर लड़े गरीबी, अशिक्षा और संप्रदियक्ता से।
और बना दे अपने भारत को सबसे अग्रसर वास्तविकता में।

आओ हम सब मिलकर लेते है प्रण ।
भारत को बनाए सबसे सवर्ण।

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