अर्ज़

के तेरे दर पे मैं खुल कर के सब अर्ज़ करता हूँ,
के तुझको पाने की खातिर मैं खुद को यूँही खर्च करता हूँ।।
राही अंजाना


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14 Comments

  1. NIMISHA SINGHAL - November 7, 2019, 11:15 pm

    Wah

  2. देवेश साखरे 'देव' - November 8, 2019, 9:08 am

    वाह

  3. nitu kandera - November 8, 2019, 9:28 am

    Nice

  4. Poonam singh - November 8, 2019, 4:05 pm

    Good

  5. Pt, vinay shastri 'vinaychand' - November 8, 2019, 8:54 pm

    Good

  6. Neha - November 10, 2019, 2:30 pm

    वाह

  7. Abhishek kumar - November 24, 2019, 11:29 pm

    वाह

  8. Pragya Shukla - February 29, 2020, 6:00 pm

    Sahi likha

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