आओ नदिया स्वच्छ बनाएं

नदियां हैं जीवनदायिनी,
उज्जवल है मोक्ष प्रदायिनी।
कचरा ना इन में डालो तुम,
बर्बादियों ना पालो तुम।
शीशे सी साफ हो
जब झांको तुम ।
सुंदर धरा यह हरी भरी
लगती है तुमको भी भली।
तो आओ मिलकर शपथ उठाएं
नदी नालों को साफ बनाएं।
शुद्ध जल के स्रोत बढ़ाएं
स्वच्छ भारत अभियान चलाए।
निमिषा सिंघल

Published in हिन्दी-उर्दू कविता

Related Articles

Swach bharat banyenge

गांधी जी का सपना सच करके हम दिखाएंगे अपने भारत को हम स्वच्छ भारत बनाएंगे साफ-सुथरी गलियां होगी साफ सुथरा होगा गांव साफ सफाई करने…

स्वच्छ भारत

मिलकर साथ हाथ मिलायें खुद जागें और जगायें स्वच्छ भारत अभियान सफल बनायें। गली मोहल्ले गंद मुक्त हो सड़कें स्वच्छ चमके देहरी द्वार महक उठे…

ऊर्जा स्रोत

ऊर्जा स्रोत ————- प्रिय! विद्युत सी है वाणी.. चल पड़ती है तो कानों में घुल… रूपांतरित हो जाती है मेरी हंसी और क्रोध में अनायास।…

Responses

New Report

Close