***आखरी निशानी***

बहुत आहत हूँ मैं
यूं समझ लो टूट गई हूँ मैं
मेरी सहेली की दी हुई आखरी
निशानी भी टूट गई
सालों पहले जो घड़ी दी थी उसने
आज टूट गई
रोई हूँ बहुत परेशान हूँ
अपने दिल का हाल किससे कहूँ
वो घड़ी थी मेरी प्यारी
मेरी सहेली की आखरी निशानी !
जो विदाई समारोह में
उसने पहनाई थी मुझे
क्या कहूँ कितना पसंद आई थी मुझे
नई नहीं थी वो थी पुरानी
पर मेरी सहेली की थी आखरी निशानी !
वो गरीब थी पर उसका दिल था बड़ा
अपनी पहनी हुई घड़ी उतारकर
मुझे दी थी उसने
उन आँखों में
भरा था प्यार बड़ा
मैं उस घड़ी की थी दीवानी
क्योंकि वो थी मेरी सहेली की आखरी निशानी..


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3 Comments

  1. neelam singh - October 20, 2020, 10:40 am

    क्या बात है आप अपनी सहेली की निशानी पर कितना दुःखी हैं..
    इससे पता चलता है कि आप कितनी कद्र करती हैं रिश्तों और उपहारों की

  2. jeet rastogi - October 20, 2020, 1:34 pm

    वाह nice thought

  3. Pt, vinay shastri 'vinaychand' - October 20, 2020, 11:28 pm

    बहुत खूब

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