आजादी के जश्न में तो मनाता हर कोई है

आजादी के जश्न में तो मनाता हर कोई है
आजादी का मायना समझ सके तो कोई बात बने

समाज जब संवेदनहीन हो जाये
तब कोई संवेदना से बाते करे तो कोई बात बने

तिरंगे के कपड़े को तो सबने देखा है मगर
उसकी रूह में झांक सकें तो कोई बात बनें

हर कोई अपनी बात ही करता है यहां
कभी कोई दूसरे की बात हो तो बात बनें

मेरी बातों से लहू मत करना तुम दिल अपना
किसी के क्रन्दन से जब दिल दुखे तो कोई बात बनें


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11 Comments

  1. Suman Kumari - August 15, 2020, 1:06 pm

    bhut sundar

  2. Rajiv Mahali - August 15, 2020, 1:08 pm

    क्या बात है 👌👌

  3. मोहन सिंह मानुष - August 15, 2020, 2:24 pm

    बहुत ही लाजवाब

  4. Virendra sen - August 15, 2020, 2:57 pm

    अति सुन्दर

  5. Pt, vinay shastri 'vinaychand' - August 15, 2020, 2:59 pm

    Atisunder

  6. Prayag Dharmani - August 15, 2020, 7:51 pm

    सुंदर रचना

  7. Virendra sen - August 15, 2020, 8:06 pm

    खूबसूरत

  8. Satish Pandey - August 15, 2020, 8:22 pm

    जय हिंद

  9. Pragya Shukla - August 15, 2020, 11:50 pm

    हमेशा की तरह अच्छे विचार

  10. tiwari brother - September 6, 2020, 4:46 pm

    जय हिन्द

  11. प्रतिमा चौधरी - September 7, 2020, 3:17 pm

    बहुत सुंदर ग़ज़ल
    बहुत सुंदर भाव

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