आज फिर …

कुछ लिख कर आज फिर
मिटा दिया,
कुछ बना कर आज फिर
बिगाड़ दिया,
वो आज भी नहीं आएगा
मालूम है हमे, पर
फिर भी उसके आने के
इन्तजार मे खुद को फिर
सँवार लिया !

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6 Comments

  1. Ramesh Singh - May 22, 2017, 8:51 pm

    Behtareen panktiya

  2. Anirudh sethi - May 22, 2017, 9:40 pm

    nice

  3. Kumar Bunty - May 22, 2017, 10:38 pm

    GOOD

  4. Vipul - May 22, 2017, 11:27 pm

    बेहतरीन

  5. महेश गुप्ता जौनपुरी - September 9, 2019, 7:36 pm

    वाह बहुत सुंदर रचना

  6. Abhishek kumar - November 26, 2019, 1:07 pm

    Wow

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