“आधुनिक पत्रकारिता”

वो कहते हैं बलात्कार की
घटना हमने सबसे पहले
दिखलाई है
पीड़िता के घर तक सबसे
पहले हमारी पत्रकार
पहुंच पाई है
हमने दिखलाया सबसे पहले
पीड़िता के भाई को
पीड़िता की आवाज सबसे
पहले हमने सुनवाई है
हमने कोशिश की सबसे पहले
उस परिवार से मिलने मिलने की
पीड़िता की जलती लाश
हमने सबसे पहले दिखलाई है
क्या यही है आधुनिक पत्रकारिता
शर्म नाम की चीज नहीं
आखिर हिन्दुस्तान की मीडिया
कितने निचले स्तर पर उतर
आई है…

Related Articles

प्यार अंधा होता है (Love Is Blind) सत्य पर आधारित Full Story

वक्रतुण्ड महाकाय सूर्यकोटि समप्रभ। निर्विघ्नं कुरु मे देव सर्वकार्येषु सर्वदा॥ Anu Mehta’s Dairy About me परिचय (Introduction) नमस्‍कार दोस्‍तो, मेरा नाम अनु मेहता है। मैं…

दुर्योधन कब मिट पाया:भाग-34

जो तुम चिर प्रतीक्षित  सहचर  मैं ये ज्ञात कराता हूँ, हर्ष  तुम्हे  होगा  निश्चय  ही प्रियकर  बात बताता हूँ। तुमसे  पहले तेरे शत्रु का शीश विच्छेदन कर धड़ से, कटे मुंड अर्पित करता…

अपहरण

” अपहरण “हाथों में तख्ती, गाड़ी पर लाउडस्पीकर, हट्टे -कट्टे, मोटे -पतले, नर- नारी, नौजवानों- बूढ़े लोगों  की भीड़, कुछ पैदल और कुछ दो पहिया वाहन…

Responses

  1. बेहतरीन लेखनी, सुन्दर अभिव्यक्ति, यथार्थ को अत्यंत प्रखरता से उजागर किया गया है। वाह

New Report

Close