आया भी नहीं

जिसे पाया भी नहीं
जो खोया भी नहीं
उसके होने ना होने का
संताप आया भी नहीं ।
न मन का कोई कोना
हुआ बगैर उनके सूना
पीङ न हुआ उनबिन दूना
पश्चाताप आया भी नहीं ।


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5 Comments

  1. Pt, vinay shastri 'vinaychand' - December 10, 2020, 9:51 am

    अतिसुंदर भाव

  2. Geeta kumari - December 10, 2020, 7:01 pm

    सुन्दर अभिव्यक्ति

  3. Satish Pandey - December 10, 2020, 7:50 pm

    सुन्दर अभिव्यक्ति

  4. Pragya Shukla - December 11, 2020, 10:55 pm

    बहुत सुंदर रचना

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