आलस अब तो नैन से

आलस अब तो नैन से, दूर चले जा दूर,
आने दे अब ताजगी, आने दे अब नूर।
आने दे अब नूर, बिछी सूरज की किरणें,
नई रोशनी आज, ला रही मेरे मन में।
कहे लेखनी नींद, अभी तू दूर चले जा,
रात मिलेंगे अभी कहीं तू दूर चले जा।


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2 Comments

  1. Pt, vinay shastri 'vinaychand' - January 23, 2021, 9:37 am

    अतिसुंदर

  2. अनुवाद - January 23, 2021, 5:08 pm

    वाह बेहद खूबसूरत रचना

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