आलोचना का जिम्मा

आलोचना का जिम्मा
फिर से उठा लिया तूने
चल अच्छा है ये काम
संभाल लिया तूने
साहित्य के मंच पर
दूरियां अच्छी नहीं लगती
जैसे-तैसे दिल को मना लिया तूने…


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6 Comments

  1. Geeta kumari - April 6, 2021, 8:04 am

    बहुत सुंदर पंक्तियां

  2. Pt, vinay shastri 'vinaychand' - April 6, 2021, 8:20 am

    वाह बहुत खूब

  3. Rishi Kumar - April 6, 2021, 4:17 pm

    बहुत सुंदर

  4. Pragya Shukla - April 7, 2021, 10:48 pm

    वाह सुंदर लेखन

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