*आशाओं के दीप जले*

विश्वास से संबल मिले,
आशाओं के दीप जले,
निराशा का भाव तजकर,
कर्तव्य पथ बढ़ते चले।
**********************
स्वाभिमान को ना चोट पहुंचे,
अभिमान मन में ना पले,
आत्मविश्वास से परिपूरित,
उम्मीदों के सुमन खिले।
**********************
साहस धीरज शील भाव,
श्रद्धा समर्पण मन में रखें,
प्रशस्त हो जाए मार्ग सुंदर,
विकट बाधाएं सब टलें।
*********************
अथक परिश्रम निरंतर प्रयास,
मन में रखकर अटल विश्वास,
कर्तव्य पथ बढ़ते चले,
आओ नया इतिहास गढ़े।।

स्वरचित मौलिक रचना
✍️… अमिता गुप्ता

Related Articles

दुर्योधन कब मिट पाया:भाग-34

जो तुम चिर प्रतीक्षित  सहचर  मैं ये ज्ञात कराता हूँ, हर्ष  तुम्हे  होगा  निश्चय  ही प्रियकर  बात बताता हूँ। तुमसे  पहले तेरे शत्रु का शीश विच्छेदन कर धड़ से, कटे मुंड अर्पित करता…

लॉक डाउन २.०

लॉक डाउन २.० चौदह अप्रैल दो हज़ार बीस, माननीय प्रधान मंत्री जी की स्पीच । देश के नाम संबोधन, पहुंचा हर जन तक । कई…

हे अटल! अटल रहो

अटल बिहारी वाजपेयी जी की जयंती पर विशेष प्रस्तुति:- ********************************************* हे अटल ! अटल रहो यूँ ही हृदय में बसे रहो दिव्य ज्योति बनकर सदा…

*संघर्ष*

जीवन रण है संघर्ष भरा, अनगिनत शूल पथ में बिखरे, मेहनत परिश्रम अथक प्रयास, कंटक प्रसून बनकर निखरे। ********************* महामारी काल संघर्ष पूर्ण, कितने कुलदीपक…

Responses

New Report

Close