आसमान हो गया

शाम से ढूंढती थी मैं तुझको
तू न जाने कहाँ खो गया
मैं तुझे प्रेम की धरती समझती थी
तू नफ़रत का आसमान हो गया।


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4 Comments

  1. PRAGYA SHUKLA - July 14, 2020, 1:46 pm

    Good

  2. Pt, vinay shastri 'vinaychand' - July 14, 2020, 11:03 pm

    Nice

  3. प्रतिमा चौधरी - September 26, 2020, 1:43 pm

    बहुत खूब

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