आज़ाद है

तुम मेरे ज़िन्दगी खरीद सकते हो
पर ख्वाब तोह आज़ाद है

तुम मेरे तन को गुलाम कर सकते हो
पर लब तोह आज़ाद है

तुम मुझे मौत दे सकते हो
पर सोच तोह आज़ाद है

यह सोच आने वाले नस्ल मे सैलाब लाएगा
मेरे नस्वर देह के जलने पे हज़ारों शहीदे मादरे वतन लाएगा

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4 Comments

  1. महेश गुप्ता जौनपुरी - September 9, 2019, 4:33 pm

    वाह बहुत सुंदर

  2. Antariksha Saha - September 12, 2019, 9:19 pm

    Thanks

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