इंतज़ार

रौशनी में अक्स दिखा, लगा तुम आए।
हर एक आहट पर ऐसा लगा तुम आए।
इंतज़ारे-बेक़रारी बढ़ती गई, साँसे घटती गई,
हर एक सदा पर ऐसा लगा तुम आए।

देवेश साखरे ‘देव’


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10 Comments

  1. NIMISHA SINGHAL - October 16, 2019, 7:19 am

    Kya khub

  2. Poonam singh - October 16, 2019, 1:14 pm

    Bahut khub

  3. nitu kandera - October 17, 2019, 7:12 am

    Good

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