“इंतज़ार” #2Liner-93

ღღ__इंतज़ार लम्बा ही सही “साहब”, पर मैं समझौता नहीं करता ;
.
हमसफ़र वो ही बनेगा मेरा, जिसे भी मेरी ज़रूरत हो!!…..‪#‎अक्स‬


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5 Comments

  1. Panna - April 2, 2016, 7:37 am

    bahut khoob

  2. Ushesh Tripathi - April 2, 2016, 7:50 am

    Lajvab

  3. Pragya Shukla - April 18, 2021, 7:27 pm

    Nice poem

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