इज्जत

इज्जत

इज्जत के बचावे खातिर
मालिक घर को तोडे या जोडे।

मालिक अपनी सुझ बुझ से
घर वाले को सडक पर कर सकता है ।

मैं मालिक हूॅ अपने घर का
मेरे लिए कोई कानुन नही।

मेहमान का इज्जत करने के लिए
मालिक कर्म धर्म से जुटता है।

सही गलत का पहचान करके
घर की इज्जत को समेटता है।

भष्टाचार मंहगाई की चादर को
ओढकर घर का मालिक बीताता है।

मेहनत मजदूरी करके मालिक
घर के इज्जत को परदे तले रखता है ।

मेरे दिल को ना तोडो परिवार वालो
क्योंकि मेरा भी कुछ इज्जत है समाज में।

महेश गुप्ता जौनपुरी
मोबाइल – 9918845864

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