इतनी दीवानी

#shayri 2liner

इतनी दीवानी नहीं हूँ तेरी
जो तेरे प्यार में अपनी नब्ज काट लूंगी,
ज्यादा तड़पाया जो तुमने
इस रक्षाबंधन तुझको राखी बाँध दूंगी।

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Responses

  1. प्रज्ञा जी आप इतने दिनों से कहां थे यहां विद्वान कवि थे परंतु फिर भी आपकी कमी महसूस हो रही थी जिस प्रकार घर में बड़े बुजुर्ग होने के बावजूद भी आंगन में बच्चे के ना होने पर सूना लगता है

    1. मैने सोचा दूसरों को मौका मिले।
      रेडियो के काम में बिज़ी थी।

  2. इन पंक्तियों से यह शिक्षा मिलती है कि रक्षाबंधन के समय पुरुष समाज को महिलाओं के साथ अच्छा व्यवहार करना चाहिए नहीं तो रिश्ता चेंज हो सकता है। 😃🙏
    बहुत बेहतरीन प्रस्तुति

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