इबादत

कविता- इबादत
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परमेश्वर तेरा,
धन्यवाद करता हूं,
तेरी इबादत करता हूँ
तुझे प्रणाम करता हूं|
जब जब पुकारा,
तूने साथ निभाया,
मेरी मुराद पूरी करके,
मुझे खुशहाल बनाया,
दिया मुझे
सब कुछ दिया,
घर-परिवार दिया,
सम्मान दिया,
डूब रहा निराशा में
धन्यवाद है तुझे
जो मुझ पर आशा का संचार किया।
भूखा मुझे,
न रखा कभी,
सूखी सही,
दो वक्त की रोटी दी।
खुश हूं, खुशनसीब हूं,
कर्म के अनुसार
तूने मुझे मेरी मंजिल दी।
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**✍ऋषि कुमार “प्रभाकर”


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4 Comments

  1. Pt, vinay shastri 'vinaychand' - October 22, 2020, 3:25 pm

    सुंदर

  2. Satish Pandey - October 22, 2020, 7:15 pm

    सुन्दर अभिव्यक्ति

  3. Geeta kumari - October 22, 2020, 7:22 pm

    बहुत सुंदर कविता और सुंदर भाव

  4. Anu Singla - October 22, 2020, 9:37 pm

    सुन्दर

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