*इस उपवन में*

चम्पा के फूलों की ख़ुशबू,
ले आई इस ओर
रंग-बिरंगे फूल यहां पर,
कोयल का है शोर
पीले, लाल गुलाब हैं खिलते,
देखो इस उपवन में
मीठे-मीठे सपने खिलते,
अक्सर मेरे मन में

*****✍️गीता


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5 Comments

  1. Pragya Shukla - November 18, 2020, 3:58 pm

    “सपनों को जीवंत बनाकर
    कविता लिखती हैं गीता जी

    और उनकी समीक्षा करके हार्दिक सुख पाती हैं शुक्ला जी”

    • Geeta kumari - November 18, 2020, 4:13 pm

      सुन्दर समीक्षा के लिए आपका हार्दिक धन्यवाद कवियित्री प्रज्ञा “शुक्ला जी”
      ईश्वर तुम्हें हार्दिक सुख प्रदान करते रहें
      God bless you.

      • Pragya Shukla - November 18, 2020, 8:19 pm

        Thank u so much sister

  2. Pt, vinay shastri 'vinaychand' - November 21, 2020, 8:39 am

    अतिसुंदर

    • Geeta kumari - November 21, 2020, 9:44 am

      सादर प्रणाम भाई जी🙏 बहुत बहुत आभार

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