उन्वान

0

एक चाहत भरी नजर दिल में रोशनी सी भर गई
तुम्हें याद करना इंतहा इबादत बन गई
हर अक्स में तुम्हे खोजना
जुनून बन गया
चेहरा तुम्हारा मेरे लिए
आईना बन गया
तुम्हें दूर जाते देखना
नासूर बन गया
हस्ती पर मेरी इस कदर छा गए हो तुम
बस याद तुम्हें करना उन्वान गया

– निमिषा सिंघल

Previous Poem
Next Poem

लगातार अपडेट रहने के लिए सावन से फ़ेसबुक, ट्विटर, इन्स्टाग्राम, पिन्टरेस्ट पर जुड़े| 

यदि आपको सावन पर किसी भी प्रकार की समस्या आती है तो हमें हमारे फ़ेसबुक पेज पर सूचित करें|

9 Comments

  1. Pt, vinay shastri 'vinaychand' - October 7, 2019, 8:32 pm

    अतिसुंदर

  2. Poonam singh - October 7, 2019, 9:04 pm

    Wahh

  3. देवेश साखरे 'देव' - October 8, 2019, 3:11 pm

    सुन्दर प्रस्तुति

  4. महेश गुप्ता जौनपुरी - October 8, 2019, 7:44 pm

    वाह बहुत सुंदर रचना

Leave a Reply