उम्मीद

यह जो नाजुक सा दौर है
आहिस्ता आहिस्ता खत्म हो जाएगा
बस उम्मीदों का दीपक तुम
यूं ही आगे भी जलाए रखना।
वीरेंद्र सेन प्रयागराज


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3 Comments

  1. Satish Pandey - December 20, 2020, 12:37 pm

    वाह वाह क्या बात है

  2. Geeta kumari - December 20, 2020, 4:40 pm

    बहुत ख़ूब

  3. Pt, vinay shastri 'vinaychand' - December 20, 2020, 6:08 pm

    बहुत खूब

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