ऋतु बदलने सी लगी

अब अचानक ऋतु बदलने सी लगी
ठंड का अहसास सा होने लगा
प्यार की बारिश में उगती ख्वाहिशें
पड़ न जाएं ठंड में पाले के पाले।


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11 Comments

  1. Ramesh Joshi - September 30, 2020, 10:26 pm

    बहुत खूब, बरसात की ऋतु जा रही है, ठंडक की ऋतु आ रही है। waah

  2. Isha Pandey - September 30, 2020, 10:36 pm

    बहुत सुंदर, लाजवाब।लिखा है सर

  3. MS Lohaghat - September 30, 2020, 11:23 pm

    बहुत खूब, बहुत बढ़िया

  4. Piyush Joshi - September 30, 2020, 11:39 pm

    बहुत ही सुन्दर कविता

  5. Geeta kumari - October 1, 2020, 8:30 am

    पड़ ना जाएं ठंड में पाले के पाले….वाह सर यमक अलंकार के सुंदर प्रयोग से परिपूर्ण अति सुंदर कविता ।

  6. Pt, vinay shastri 'vinaychand' - October 1, 2020, 10:56 am

    वाह वाह क्या बात है

  7. Suman Kumari - October 1, 2020, 7:25 pm

    बहुत ही सुन्दर अभिव्यक्ति

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