एकटेपणा

मला मीच उमजते
जेव्हा स्वतःशी होते बोलकी
मग लक्षात येते
कोणीच नसतं एकाकी


लगातार अपडेट रहने के लिए सावन से फ़ेसबुक, ट्विटर, इन्स्टाग्राम, पिन्टरेस्ट पर जुड़े| 

यदि आपको सावन पर किसी भी प्रकार की समस्या आती है तो हमें हमारे फ़ेसबुक पेज पर सूचित करें|

6 Comments

  1. Rugved More - December 29, 2020, 5:27 pm

    Good 👌👌

  2. Yugandhara More - December 29, 2020, 5:37 pm

    I like the thought 😊

  3. Pt, vinay shastri 'vinaychand' - December 29, 2020, 9:01 pm

    वाह

  4. Satish Pandey - December 29, 2020, 10:58 pm

    Nice

  5. Geeta kumari - December 30, 2020, 12:41 pm

    सुन्दर पंक्तियां

  6. Pragya Shukla - December 30, 2020, 5:20 pm

    Very nice

Leave a Reply