एकादशी नामावली

मार्गशीर्ष मास अतिपावन।
उत्पना व मोक्षदा सुहावन।।
सफला अरु पुत्रदा एकादशी।
पौष मास मह बहु सुखरासी ।।
षटतिला अरु जया बड़नामी।
माघ मास के उत्तम फलकामी ।।
विजया आमलकी फागुन मास।
पापमोचनी कामदा मधुमास।।
बरुथिनी और मोहिनी बैशाखे।
जेठ अपरा व निर्जला आखे।।
योगिनी देवशयनी कहलावे।
आषाढ़ महिने में मन भावे।।
पवित्रा पुत्रदा सावन मासा।
अजा परिवर्तनी भादो माना।।
आसिन इन्दिरा पाशांकुशा आवे।
रमा देवोत्थानी कार्तिक कहलावे।।
पद्ममा और परमा तब आवे।
अधिकमास जब-जब आवे।।
नाम अनुरुप बहुफलदाई।
पापविनाशनि एकादशी माई।।
असक पुरुष जे व्रत करन मह।
नाम लेते तव पाप हरण तह।।


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10 Comments

  1. Geeta kumari - December 11, 2020, 3:19 pm

    वर्ष के बारह मासों, और अधिकमास के बारे में बताती हुई बहुत सुंदर कविता

  2. Praduman Amit - December 11, 2020, 5:21 pm

    बहुत सुंदर।

  3. Pragya Shukla - December 11, 2020, 10:50 pm

    उम्दा रचना

  4. Sandeep Kala - December 11, 2020, 10:58 pm

    Very nice sir ji

  5. Satish Pandey - December 11, 2020, 10:59 pm

    जय हो बहुत खूब, वाह

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