एक तो तुम बड़ी मुश्किल से

एक तो तुम बड़ी मुश्किल से
मुस्कुराती हो,
दूसरा मन ही मन में
सारे गम छुपाती हो।
जब कभी चाँद को
बादल चुरा सा लेता है,
तब हमें रोशनी बन
रास्ता दिखाती हो।


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14 Comments

  1. मोहन सिंह मानुष - August 8, 2020, 11:12 pm

    बहुत खूब

  2. Suman Kumari - August 9, 2020, 3:29 am

    सुन्दर

  3. Pt, vinay shastri 'vinaychand' - August 9, 2020, 6:57 am

    Nice

  4. MS Lohaghat - August 9, 2020, 7:53 am

    सादर धन्यवाद, इन कविताओं के लिए,

  5. Geeta kumari - August 9, 2020, 8:28 am

    बहुत ख़ूब

  6. Ambuj Singh - August 9, 2020, 1:45 pm

    अच्छा

  7. Kumar Piyush - August 12, 2020, 10:45 pm

    बहुत खूब

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