एहसास-ए-ज़िदगी

ऐसा कोई लम्हा नहीं गुज़रता जब सांसों से मेरी उसकी यादें ना गुज़रती हो__
ये बात और हैं एहसासों से मेरे वो अंजान हैं मगर हालात-ए-जिस्त ये हैं की वही ज़िन्दगी हैं मेरी वही अरमान हैं-
-PRAGYA-

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5 Comments

  1. Antariksha Saha - August 19, 2019, 2:35 pm

    Wah

  2. Abhilasha Shrivastava - August 20, 2019, 6:10 am

    Nice

  3. Poonam singh - August 22, 2019, 11:09 am

    Nice

  4. महेश गुप्ता जौनपुरी - September 11, 2019, 12:23 am

    वाह बहुत सुंदर

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