ऐसी होती हैं बेटियां

नव वर्ष की उमंग सी होती है बेटियां,
संगीत की तरंग सी होती है बेटियां
मां-बाप के हर दर्द में रोती हैं बेटियां,
सागर से निकले मोती सी होती है बेटियां
सुमधुर काव्य-गायन सी होती है बेटियां,
ब्रह्म मुहूर्त सी पावन होती है बेटियां
वह घर प्रभु के आशीष से युक्त है,
इस जहां में,जहां जन्म लेती है बेटियां.. ।।
___✍️गीता


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10 Comments

  1. Noorie Noor - January 19, 2021, 4:54 pm

    Aisi hi hoti h betiyan

  2. Anu Singla - January 19, 2021, 5:12 pm

    Beautiful

  3. Rishi Kumar - January 19, 2021, 5:48 pm

    अति सुंदर

  4. Satish Pandey - January 19, 2021, 10:35 pm

    नव वर्ष की उमंग सी होती है बेटियां,
    संगीत की तरंग सी होती है बेटियां
    —- बेटियों पर कवि गीता जी की बहुत सुंदर रचना।

    • Geeta kumari - January 20, 2021, 8:29 am

      बहुत-बहुत आभार सतीश जी, हार्दिक धन्यवाद

  5. Pt, vinay shastri 'vinaychand' - January 20, 2021, 11:22 am

    अतिसुंदर रचना

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