कारगिल विजय दिवस

शतशत नमन उन वीरों को,कारगिल विजय दिलवाई थी
स्वदेश की रक्षा की खातिर प्राणों की भेंट चढाई थी।।
साफ दिनों तक जो चली थी लङाई
कितनों ने जान की बाजी लगाई थी
527 जवानो ने हंसके प्राण गवायी थीं
यह वही कारगिल युद्ध है भाई
परवेज मुशर्रफ ने की जिसकी अगुआई थी।शत—-
हाँ वही परवेज जिसकी खूरफाती का नतीजा
औपरेशन भद्र से लाल था हिमालय का टीला
लालच फितरत है जिनकी,फिक्र क्यू करे वो किसीकी
हिम्मत कहाँथी बुजदिलो को सामनेकी लङाई करते जो
कश्मीर लद्दाख की कङी को कैसे सामने से तोङते वो
सियाचिन से सैनिकों को हटाने की खातिर
घुसपैठियो ने सेंध ऑपरेशन भद्र से लगायी थी।शत—
नवाज शरीफ अटल की दोस्ती की आङ में
भारत फंसता गया परवेज नीति के जाल मे
होश जब आया हमें ऑपरेशन विजय की शुरुआत की
तीस हजार सैनिकों के बल पर पाक को मात दी
जहाँ वेदप्रकाश मलिक के जैसे हो रणबांकुरे
मुशरफ जैसे घुसपैठिये खायेंगे,दर-दर की ठोकरे
अपनी करनी की सज़ा अपनी ही जमी पे पाई है
राजद्रोही बन गये हैं,सजा -ए-मौत की सुनवाई है।शत –
जान की परवाह न कर,चल पङे सेनानी जो
हाथ में लेकर तिरंगा,टाइगर हिल पे लहराने
नतमस्तक है भारत का जन-गण-मन
थी जिनमें अदम्य साहस, धैर्य व समर्पण
ऋणि हैं हम उन माँ,बहन,पत्नी बेटियों के
चिराग से अपने देश की लौ जलाई है ।शत—
चेतावनी है उन गिद्धदृष्टि रखने वालों की
लद्दाख अरूणाचल की तरफ लालसा के मतवालो की
बेगुनाहो का जो भी खून यूँ बहायेगा
यूँ हीं मुशर्रफ के जैसे अपनो से दुरदुराया जाएगा
अपनी अनन्त उठती इच्छाओं को थोङा विराम दो
थोड़ी अपनी लोलुप नीतियों को खुद ही लगाम दो
याद कर उनको जिसने जहाँ बनायी है
मनुज को उसके कर्मो की सज़ा खुद ही मिलते आई है
सुमन आर्या

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Responses

  1. बहुत खूब
    इतिहास सहित भारतीय सेना के शौर्य की सुन्दरता के साथ प्रस्तुति युवाओं के लिए ओजपूर्ण आह्वान।

    1. धन्यवाद ।
      आभार ज्ञापित करती हूँ ।
      आपने अपना बहुमूल्य समय दिया मेरी रचना को ।

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