कुछ छुपा कर रखी थी यादें…

कुछ छुपा कर रखी थी यादें,
कुछ सपने भी संजोए थे ।
हम सपनों के करीब जाकर,
कुछ पल सिमट कर सोए थे।


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6 Comments

  1. Geeta kumari - September 13, 2020, 9:57 pm

    बहुत ख़ूब

  2. Pt, vinay shastri 'vinaychand' - September 14, 2020, 8:06 am

    वाह वाह

  3. मोहन सिंह मानुष - September 16, 2020, 11:31 pm

    बहुत सुंदर पंक्तियां

  4. Pratima chaudhary - September 17, 2020, 12:34 am

    बहुत हार्दिक आभार

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