कुछ छुपा कर रखी थी यादें…

कुछ छुपा कर रखी थी यादें,
कुछ सपने भी संजोए थे ।
हम सपनों के करीब जाकर,
कुछ पल सिमट कर सोए थे।

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Responses

  1. “जहाँ विश्वास हैं, वहीँ शक्ति हैं, वहीँ जित हैं ऑर वही आपके सपने पुरे होते हैं।”

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