कोरोना का कहर, हर गली हर शहर

कोरोना का कहर
हर गली हर शहर

फिर से बढ़ रही है यह बीमारी
जनता मरती जाती बेचारी

आई है वैक्सीन नवेली
तुम आज ही लगवाओ सहेली

अपनी फिर से करो सुरक्षा
फिर से ठप्प हो गई शिक्षा

तुम कहीं भी घूमने जाओ
लेकिन मास्क लगाकर जाओ

मत लो तुम इसको हल्के में
मिलती जान नहीं सस्ते में

ना हो किसी को यह बीमारी
यही प्रार्थना है ईश ! हमारी


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14 Comments

  1. Geeta kumari - April 5, 2021, 8:39 pm

    कोरोना का कहर
    हर गली हर शहर
    _______ कोरोना पर कवि प्रज्ञा जी द्वारा लिखित सत्य रचना । कोरोना फिर से फैल रहा है, यही समझाती हुई अति उत्तम रचना

  2. Pt, vinay shastri 'vinaychand' - April 6, 2021, 8:27 am

    सुंदर

  3. vivek singhal - April 6, 2021, 11:02 am

    कोरोना का कहर
    हर गली हर शहर

    फिर से बढ़ रही है यह बीमारी
    जनता मरती जाती बेचारी

    आई है वैक्सीन नवेली
    तुम आज ही लगवाओ सहेली

    अपनी फिर से करो सुरक्षा
    फिर से ठप्प हो गई शिक्षा

    कोरोना के कारण देश की स्थिति को व्यक्त करती हुई रचना

  4. Rj sid - April 6, 2021, 11:21 am

    कोरोना पर बहुत ही सुंदर रचना

  5. neelam singh - April 6, 2021, 11:28 am

    कोरोना को संज्ञान में लेकर लिखी गई
    सुंदर रचना

  6. jeet rastogi - April 6, 2021, 9:08 pm

    कोरोना की वजह से बिगड़े हालातों पर सुंदर रचना

  7. Ajay Shukla - April 9, 2021, 9:59 am

    ह्रदयस्पर्शी भाव

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