कोहरा

रविवार की छुट्टी थी,
पर कोहरा कर्तव्य निभाने आ गया
सर्दियों के मौसम में,
और सर्दी बढ़ाने आ गया।
धूप भी डर कर छुप गई है,
ठंड का डंडा चलाने आ गया।
घूम रहा है बेधड़क राहों पर,
देखो सितम ढ़ाने आ गया।
अवकाश है हम भी बैठे हैं घर में,
वो कर्तव्य निभाने आ गया।
____✍️गीता


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6 Comments

  1. Satish Pandey - January 24, 2021, 9:19 pm

    बहुत खूब, अति सुन्दर अभिव्यक्ति

  2. Geeta kumari - January 24, 2021, 10:06 pm

    बहुत-बहुत धन्यवाद सतीश जी, हार्दिक आभार

  3. MS Lohaghat - January 25, 2021, 8:10 am

    बहुत खूब

  4. Pt, vinay shastri 'vinaychand' - January 25, 2021, 8:18 am

    अतिसुंदर भाव

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