खत में रखे गुलाब…!!

तुम्हारा खत
*********************
तुम्हारा खत पढ़ ही रही थी कि
भाभी आ गईं
खत तो छुपा लिया पर
खत में रखे तुम्हारे दिए गुलाब
गिर पड़े पलंग पर
इससे पहले भाभी देखें
उन्हें बातों में भरमाया
अपने दुपट्टे के अन्दर
फूलों को तुरंत छुपाया
“ओ भाभी ! आज तो आपका चेहरा
बहुत चमक रहा है
क्रीम का है कमाल या
एल.ई.डी. लाईट का इफेक्ट पड़ रहा है”
भाभी मुसकाने लगीं और
मन ही मन शरमाई
कुछ इस तरह उस दिन बुद्धी से मैंने
अपनी जान बचाई….

Related Articles

प्यार अंधा होता है (Love Is Blind) सत्य पर आधारित Full Story

वक्रतुण्ड महाकाय सूर्यकोटि समप्रभ। निर्विघ्नं कुरु मे देव सर्वकार्येषु सर्वदा॥ Anu Mehta’s Dairy About me परिचय (Introduction) नमस्‍कार दोस्‍तो, मेरा नाम अनु मेहता है। मैं…

कोरोनवायरस -२०१९” -२

कोरोनवायरस -२०१९” -२ —————————- कोरोनावायरस एक संक्रामक बीमारी है| इसके इलाज की खोज में अभी संपूर्ण देश के वैज्ञानिक खोज में लगे हैं | बीमारी…

Responses

  1. कवि प्रज्ञा जी द्वारा श्रृंगार से भरपूर लाजवाब अभिव्यक्ति।
    बहुत खूब, रूमानियत अतिसुन्दर चित्रण।

  2. वाह ,कवि प्रज्ञा जी ने बहुत सुन्दर चित्रण किया है,और भाभी को बुद्धू बनाने की कला तो क्या ख़ूब है वाह वाह ।आखिर किसी को बुद्धू बनाने के लिए बुद्धि तो होनी ही चाहिए ना ।
    सुंदर शिल्प और बेहद शानदार प्रस्तुति ।

  3. हमेशा की तरह बहुत ही खूबसूरत कविता और शिल्प कवि की कलात्मकता और बुद्धि परखता को दर्शाती है
    भावनाओं का जो गुबार आपकी कविताओं में मिलता है प्रज्ञा जी वह और कहीं नहीं मिल पाता जिस प्रकार आप भावना में गोते लगाकर कविताएं लिखते हैं और मैं एक अलग ही एहसास होता है आशा है आप ऐसी ही कविताएं लिखकर सावन परिवार को सजाती रहेंगी

New Report

Close