ख़यालात

ख़यालातों के बदलने से भी,
नया दिन निकलता है।
सुनो, सिर्फ सूरज चमकने से,
ही सवेरा नहीं होता।
हां ठंड में थोड़ी धूप भी जरूरी है,
बादलों के आने से अंधेरा नहीं होता।।
____✍️गीता


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4 Comments

  1. Pt, vinay shastri 'vinaychand' - January 12, 2021, 9:42 am

    बहुत खूब

  2. Rishi Kumar - January 12, 2021, 8:43 pm

    बहुत सुंदर

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