खामोश रिश्ते

खामोश हम भी थे तुम भी थे
और यह ख़ामोशी रिश्ते को खत्म कर गई

दोनों एक दूसरे के लिए तड़पते रहे
पर यह ख़ामोशी दोनों को रास आ गई

सारे वजूहात छोटे थे
पर संदेह के आगे दोनों हार गए


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12 Comments

  1. Satish Pandey - August 25, 2020, 8:58 am

    वाह वाह, बहुत खूब

  2. Pt, vinay shastri 'vinaychand' - August 25, 2020, 10:28 am

    Sunder

  3. Suman Kumari - August 25, 2020, 11:47 am

    सुन्दर अभिव्यक्ति

  4. Vasundra singh - August 25, 2020, 12:04 pm

    वाह

  5. मोहन सिंह मानुष - August 25, 2020, 1:48 pm

    बहुत खूब

  6. Rishi Kumar - August 26, 2020, 2:37 pm

    🙏✍✍👌

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