खुशबू

नित भाव मन मे उमड़ रहे है
किन्तु लेखनी साथ न देती।

चहुँओर खुशबू को है बिखरना
परन्तु सरल समीर साथ न देती।।


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6 Comments

  1. Pt, vinay shastri 'vinaychand' - January 10, 2020, 7:40 am

    Nice

  2. देवेश साखरे 'देव' - January 10, 2020, 7:37 pm

    सुन्दर

  3. NIMISHA SINGHAL - January 13, 2020, 2:49 am

    😀🙏

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